पिता कभी करते थे मजदूरी, बेटे ने बिजनेसमैन बन खड़ी की अरबों की कंपनी

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पिता कभी करते थे मजदूरी, बेटे ने बिजनेसमैन बन खड़ी की अरबों की कंपनी

कहते हैं किसी भी बिजनेस को सक्सेस दिलाने के लिए पैसा जरूरी नहीं होता। एक यूनीक आइडिया और कड़ी मेहनत भी आपको सफल बना सकती है। केरल में एक शख्स ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। जी हां, एक मजदूर के बेटे ने कुछ साल पहले महज 25 हजार रुपए से खुद की कंपनी शुरू की और आज उसका टर्नओवर 100 करोड़ के पार पहुंच चुका है। हम बात कर रहे हैं केरल के वयनाड के रहने वाले पीसी मुस्तफा की। वे मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे समेत दुबई में ‘रेडी टू कुक पैकेज्ड फ़ूड’ का सफल कारोबार कर रहे हैं। जाने कैसे एक आइडिया से बन गए करोड़पति…

– मुस्तफा कहते हैं कि वे बिजनेसमैन बनेंगे ये कभी सोचा तक नहीं था। इंजीनियरिंग में नाम कमाना चाहते थे। इसी बीच एक दिन भाई शमसुद्दीन ने एक स्टोर पर रबर बैंड से पैक पन्नी में इडली-डोसे का घोल बिकते देखा। उन्होंने ऐसे घोल के पैक बनाकर सप्लाई करने का आइडिया दिया।

बचपन में छोड़नी पड़ी थी पढ़ाई…
– मुस्तफा ने अपने बारे में बताया, “उनके पिता एक मज़दूर थे और उन्हें छठवीं क्लास में पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी।” उनके टैलेंट की वजह से टीचर मैथ्यू ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने को कहा, पर वे छठवीं में फेल हो गए थे। इसके बाद पीसी ने हर क्लास में टॉप किया। कोलकाता से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्हें कई मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने का मौका मिला।

नौकरी के बाद आईआईएम से किया MBA

करीब 7 साल तक एमएनसी में नौकरी करने के बाद पीसी भारत लौटे। आईआईएम में एडमिशन पाना आसान नहीं, पर उन्होंने एमबीए करने की ठानी और आईआईएम बेंगलुरु में एडमिशन लिया। मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान ही उनके दिमाग में यह बिजनेस आइडिया आया। जो आगे चलकर एक ग्लोबल कारोबार में तब्दील हुआ।

1000 करोड़ के टर्नओवर का लक्ष्य
– सिर्फ 25,000 रुपयों से ‘पैकेज्ड इडली और डोसा के रेडी टू मेक’ बनाने वाली कंपनी ‘आईडी’ शुरू की। शुरुआत में वे खुद 20 स्टोर्स जाकर रोजाना 100 पैकेट की डिलिवरी करते थे। वक्त के साथ उनका बिजनेस बढ़ता चला गया और आज कंपनी का टर्नओवर 100 करोड़ के पार हो चुका है। मुस्तफा अगले पांच सालों में कंपनी का टर्नओवर 1000 करोड़ तक पहुंचाना चाहते हैं।
– आज उनकी कंपनी में एक हजार से ज्यादा लोग काम करते हैं।

5-6 साल में 5,000 लोगों को रोजगार देने का है लक्ष्य

– मुस्तफा अपनी 100 करोड़ की आईडी कंपनी को पांच से छह साल 1,000 करोड़ रुपए की कंपनी बनाना चाहते हैं।
– अाज वह 1,100 को रोजगार दे रहे हैं। पांच-छह साल में उनका लक्ष्य कम से कम 5,000 लोगों को रोजगार देने का है। ऐसी है इनकी फैमिली| मुस्तफा कहते हैं, मैं एक छोटे से गांव चेन्नालोड में बड़ा हुआ। वे सिर्फ ग्रामीण युवाओं को ही नौकरी देते हैं।
– भाई-बहनों में सबसे बड़ा था, तीन छोटी बहनें। उनके चार चचेरे भाइयों – नासेर, शमसुद्दीन, जफर, नौशाद ने साथ दिया।

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